हरदा। खंडहर स्कूल में मिला शव, एम्बुलेंस सेवा पर उठे गंभीर सवाल।
जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत सुखरास ग्राम से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। साढ़े पांच माह के एक मासूम बालक का शव गांव के खंडहर पड़े स्कूल भवन में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।परिजनों के अनुसार मासूम रोज की तरह आंगनबाड़ी गया था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। काफी देर तक इंतजार करने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान गांव के ही एक जर्जर और परित्यक्त स्कूल भवन में बच्चे का शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
मां का साया पहले ही उठ चुका था मृतक बालक के बड़े पापा दिलीप ने बताया कि बच्चे की मां का निधन तब हो गया था जब वह बहुत छोटा था। इसके बाद से ही मासूम उनके साथ रह रहा था। परिवार पहले ही एक बड़े सदमे से उबर नहीं पाया था कि अब यह हादसा हो गया।
पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर संतोष बामने ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी मिली थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही परिजन शव को घर ले गए थे। बाद में पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच कर रही है।
एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल घटना के बाद एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरन पुलिस की सहायता से निजी वाहन के जरिए शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में रोष है।
विधायक ने जताई नाराजगी क्षेत्रीय विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने एम्बुलेंस सेवा की कथित लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मामले की शिकायत कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही है। उनका कहना है कि आपातकालीन सेवाओं में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस हृदयविदारक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं*—आखिर मासूम खंडहर स्कूल तक कैसे पहुंचा? मौत किन परिस्थितियों में हुई? एम्बुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंची? इन सभी बिंदुओं पर प्रशासनिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल पूरा गांव शोक में डूबा है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
