Harda News: महिलाओं व बच्चों के समग्र विकास के लिये ‘‘विशेष अभियान’’ शीघ्र प्रारम्भ होगा

वर्ल्ड स्वराज न्यूज़ हरदा। महिलाओं एवं 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों के शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य सहित समग्र विकास के लिये जिला प्रशासन इस माह से विशेष अभियान प्रारम्भ करने जा रहा है। इस अभियान के तहत बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य तथा महिलाओं के स्वास्थ्य व स्वरोजगार सहित उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा तथा शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने का प्रयास किया जाएगा। अभियान की तैयारियों की समीक्षा कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने गुरूवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विस्तार से की। 

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री संजय त्रिपाठी, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री बलवंत पटेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह, डीपीसी श्री जाटव, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सभी विभाग इस नये अभियान के लिये सकारात्मक सोच के साथ कार्य शुरू करें। बैठक में शिक्षा, महिला बाल विकास व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी-अपनी कार्य योजना का प्रजेन्टेशन दिया। 

शिक्षा, स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग 50 गांवों में कार्य योजना अनुसार कार्य शुरू करें-

 बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि पहले चरण में लगभग 50 गांव शामिल कर वहां की महिलाओं व बच्चों के लिये शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। अगले चरणों में गांव के स्थान पर पूरी पंचायत को शामिल किया जाएगा और धीरे-धीरे पूरे जिले में इस कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा। इस कार्य में जिला प्रशासन शासकीय संसाधनों के साथ-साथ अशासकीय समाज सेवी संगठनों का सहयोग भी लेगा। उन्होने बताया कि चिन्हित किये गये गांवों में इस माह के प्रारम्भ में विस्तृत सर्वे शुरू किया जाएगा।

महिलाओं व बच्चों के संबंध में विस्तृत सर्वे कर उनकी समस्याएं चिन्हित की जाएंगी-

कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में निर्देश दिये कि सर्वे के माध्यम से महिलाओं व बच्चों के कुपोषण, टीकाकरण, पोषण आहार वितरण, शिक्षा की उपलब्धता, प्रसव पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था, महिलाओं को स्वरोजगार की आवश्यकता की जानकारी संकलित की जाए। उन्होने कहा कि प्रारंभिक चरण के लिये चिन्हित किये गये 50 गांवों में गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, संस्थागत प्रसव की व्यवस्था, कुपोषित महिलाओं का चिन्हांकन व उनके कुपोषण दूर करने के लिये उपाय किये जायें। उन्होने निर्देश दिये कि गर्भावस्था की शुरूआत में ही महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर हाई रिस्क महिलाओं को चिन्हित कर उनके उपचार व टीकाकरण की विशेष व्यवस्था की जाए तथा शासकीय अस्पताल में ही उनके प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली हाई रिस्क वाली महिलाओं को प्रसव की प्रस्तावित तिथि से एक सप्ताह पूर्व ही निकटतम हॉस्पिटल में भर्ती किया जाए। 

बच्चों का टीकाकरण, शिक्षा व पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा-

कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में कहा कि जन्म के तत्काल बाद से बच्चों का टीकाकरण, पोषण पुर्नवास केन्द्र के माध्यम से उनके कुपोषण का उपचार, आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा पूर्व प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। आंगनवाड़ी में दर्ज 5 वर्ष से अधिक आयु के सभी बच्चों का स्कूलों में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था की जाएगी तथा कोई भी बच्चा स्कूल न छोड़े, इसके लिये विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में निर्देश दिये कि ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं व बच्चों में कुपोषण दूर करने के उद्देश्य से सुरजना के पौधे लगाने तथा मुनगे के पत्तों का पावडर व टेबलेट तैयार करने की व्यवस्था भी जिले में की जाएगी। 

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