हरदा जिला के वन ग्राम मनासा में एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया जहां पर एक गर्भवती महिला को परिजनों के द्वारा झोली में लेकर हाईवे तक कई किलोमीटर पैदल चलकर लाया जा रहा है

एक और जहां सरकार स्वास्थ्य सेवा और सड़क व्यवस्था के लिए बड़े-बड़े वादे और करोड़ खर्च करती है वहीं पर वन ग्राम के क्षेत्र आज भी अपनी पुरानी अवस्था में ही है ग्रामीणों के द्वारा बताया जा रहा है

कि उनके द्वारा महिला को ग्राम मानसा से पैदल झोली में लेकर हाईवे तक लाया गया तथा किसी प्रकार वाहन की व्यवस्था करके महिला को अस्पताल ले जाया गया आज की इस तस्वीर ने साफ कर दिया है

कि प्रशासन बातें तो बहुत करता है परंतु वन ग्रामों के लिए आज भी कुछ नहीं कर पाया है आज भी वन ग्रामों में सड़के और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंच पाती जिससे कई लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों का कहना है

कि उनके द्वारा जनसुनवाई में कई बार रोड और अस्पताल के लिए आवेदन दिए गए हैं परंतु उन्हें आज तक केवल आश्वासन ही मिलते आए हैं जिसे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है
ऐसी घटनाओं के कारण मुझे ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आदिवासीयो का विकास नहीं विनाश चाहती है जबकि आदिवासी समाज के द्वारा लगातार मांग की जाती है परंतु नेता मंत्री विधायक सांसद आदिवासियों का केवल वोट के लिए ही युस करते है जयस पूर्व जिला अध्यक्ष हरदा
