संवाददाता मैथिलश वैष्णव खिड़कियां
हरदा। ओलावृष्टि से भारी तबाही, तकनीकी खामियों के चलते बीमा पोर्टल ठप*
बीते 27 जनवरी की रात्रि को क्षेत्र में हुए कुदरत के कहर ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अचानक आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण रबी की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। आम किसान यूनियन के नेतृत्व में आज बड़ी संख्या में प्रभावित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और तत्काल सर्वे की मांग की।
बीमा कंपनी पर लापरवाही का आरोपयूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि किसान फसल बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण शिकायतें दर्ज नहीं हो पा रही हैं।
यूनियन ने मांग की है की:शिकायत दर्ज करने की 72 घंटे की समय सीमा को तुरंत बढ़ाया जाए।बैंकों को निर्देशित किया जाए कि वे किसानों के मोबाइल नंबर तत्काल अपडेट करें ताकि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी हो सके।पारदर्शिता के लिए पंचायत स्तर पर चस्पा हो रिपोर्ट
किसानों ने चेतावनी दी है कि खरीफ सीजन में भी इस क्षेत्र की अनदेखी की गई थी, जिसे इस बार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूनियन ने मांग की है कि सर्वे दल गठित कर नुकसानी की रिपोर्ट को ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक किया जाए, जिससे कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे।
प्रमुख मांगें:प्रभावित क्षेत्र का तत्काल भौतिक सर्वे शुरू हो।खरीफ सीजन का बकाया बीमा जल्द से जल्द खातों में डाला जाए।बीमा दावा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर आम किसान यूनियन के सदस्य एवं सैकड़ों की संख्या में पीड़ित किसान उपस्थित रहे।आचार्य संतोष भारती सुनील गोल्या ,पवन बसंत बीस नोईकेदार सिरोही राम इनानीयासुरेश बेड़ा रामशंकर डूडी अमन चवेल
