हरदा।नगर पालिका हरदा में जल संकट अब आम समस्या नहीं बल्कि जनजीवन के लिए गंभीर संकट बन चुका है। पिछले 6 दिनों से शहर के अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। हालात इतने बदतर हैं कि आम नागरिक पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। नलों में पानी नहीं आ रहा है और टैंकरों के माध्यम से भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है।
इस गंभीर मामले को लेकर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष द्वारा कलेक्टर हरदा से औपचारिक शिकायत की गई है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह गैर-जिम्मेदार रवैया अपनाए हुए हैं। नगर पालिका के सीएमओ फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझते, जबकि नगर पालिका अध्यक्ष भी अपने ही वार्ड में पानी उपलब्ध कराने में असमर्थ दिखाई दे रही हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
आज वार्ड क्रमांक 26 की महिलाएं अपनी पीड़ा लेकर नगर पालिका पहुंचीं, लेकिन उनके विरोध और गुहार के बावजूद भी शाम तक पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है और स्थिति कभी भी उग्र रूप ले सकती है।
जल विभाग में वर्षों से जमे कर्मचारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार चरम परसूत्रों के अनुसार जल विभाग में लंबे समय से जमे कर्मचारियों द्वारा खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है। नए जल कनेक्शन के नाम पर निर्धारित ₹3500 की जगह ₹4000 की रसीद काटी जा रही है और कुल मिलाकर ₹8000से 10000 तक की अवैध वसूली की जा रही है।
गड्ढा खुदाई के नाम पर ₹1500 तक अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे हैं। आधा इंच कनेक्शन की जगह पौन इंच कनेक्शन देने के नाम पर अलग से रकम वसूली जा रही है। यदि कोई अधिक पैसे देता है तो उसे एक दिन में कनेक्शन मिल जाता है, अन्यथा आम नागरिक को एक महीने तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
नल सुधार के नाम पर भी बिना रसीद के अवैध वसूली आम बात हो गई है। हेड पंप से निकली पाइपों को नगर पालिका में जमा करने के बजाय बाहर ही बेच दिया जाता है। पुरानी सामग्री का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता और उसका दुरुपयोग किया जाता है।इतना ही नहीं, नई मोटर मंगवाकर पुरानी मोटर लगा दी जाती है और नई मोटर को बाजार में बेच दिया जाता है। ठेकेदारों से कमीशन लेकर ही फाइलें आगे बढ़ाई जाती हैं, अन्यथा फाइलों को दबाकर रखा जाता है। पूर्व में भी ऐसी अनियमितताओं के कारण अधिकारियों पर कार्रवाई की स्थिति बन चुकी है, लेकिन फिर भी भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा।
जनता पर दोहरी मार – टैक्स भी दो, सुविधा भी नहींनगर पालिका द्वारा जलकर में ₹200 की वृद्धि कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद नागरिकों को मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। यह सीधा-सीधा जनता के साथ अन्याय है।
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
