सयानी नदी पर पुल नहीं होने से कई गांवों के ग्रामीण परेशान पिचपुरी, भगवानपुरा, रिछाड़िया, बहाड़ा सहित आसपास के गांवों का आवागमन प्रभावित, स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी असर।

संवाददाता आनंद गवली सिराली

हरदा। जिले की सिराली तहसील के ग्राम मुंडासेल क्षेत्र में सयानी नदी पर पुल नहीं होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पिचपुरी, भगवानपुरा, रिछाड़िया, बहाड़ा सहित अन्य आसपास के गांवों के ग्रामीणों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है, लेकिन नदी पर पुल की सुविधा नहीं होने से बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सयानी नदी पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के दौरान नदी में पानी बढ़ने पर आवागमन और अधिक मुश्किल हो जाता है।

ऐसे समय में ग्रामीणों को अपने गांवों से दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असरपुल के अभाव का असर स्कूली बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए स्कूल वाहन भी नदी क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। पुल नहीं होने के कारण स्कूल वाहनों के आवागमन में परेशानी होती है। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल वाहन नियमित रूप से गांवों तक नहीं पहुंच पाते हैं तो बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। इससे उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति बन जाती है।

अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।पुल बनने से कई गांवों को मिलेगा फायदाग्रामीणों के अनुसार सयानी नदी पर स्थायी पुल का निर्माण होने से पिचपुरी, भगवानपुरा, रिछाड़िया, बहाड़ा और आसपास के अन्य गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा और बारिश के दौरान नदी के कारण पैदा होने वाली समस्या से भी राहत मिलेगी।

पुल बनने से केवल ग्रामीणों को ही सुविधा नहीं मिलेगी, बल्कि स्कूल बसों, छोटे वाहनों और अन्य जरूरी सेवाओं के आवागमन में भी आसानी होगी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के साथ नदी पर पुल भी जरूरी है, तभी क्षेत्र में आवागमन की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।प्रशासन से स्थायी समाधान की मांगग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि सयानी नदी का मौके पर निरीक्षण कराकर यहां स्थायी पुल निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सयानी नदी पर पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, ताकि पिचपुरी, भगवानपुरा, रिछाड़िया, बहाड़ा सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को वर्षभर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

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