संवाददाता आनंद गवली सिराली
सिराली । ग्राम लाल्याचापड़ स्थित शासकीय स्कूल में स्कूल समय को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। मीडिया टीम जब स्कूल पहुंची तो स्कूल शाम 4:25 बजे बंद मिला। इस दौरान स्कूल में मौजूद शिक्षक राठौड़ सर से स्कूल समय से पहले बंद होने के संबंध में सवाल किया गया।
मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कि स्कूल समय से पहले बंद क्यों कर दिया गया, शिक्षक राठौड़ ने कथित तौर पर कहा—“क्या हुआ अगर समय से पहले बंद कर दिया तो।” शिक्षक के इस जवाब के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं और निर्धारित समय के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रधान पाठक के बारे में पूछने पर मिला यह जवाबमीडिया द्वारा जब स्कूल के प्रधान पाठक के बारे में जानकारी ली गई तो शिक्षक राठौड़ ने बताया कि प्रधान पाठक खाता खुलवाने के लिए गए हैं। हालांकि, स्कूल निर्धारित समय से पहले बंद क्यों किया गया, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।BRC को कई बार फोन, नहीं हुआ संपर्कमामले को लेकर BRC रमेश पटेल से भी फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किया गया।
मीडिया द्वारा उन्हें फोन लगाया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। इसके बाद भी कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन BRC रमेश पटेल से फोन पर बात नहीं हो सकी।
इसको लेकर सवाल उठता है कि यदि विभागीय अधिकारी शिकायत या स्कूल से संबंधित जानकारी के लिए किए जा रहे फोन भी रिसीव नहीं करेंगे, तो जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी विभाग तक कैसे पहुंचेगी?DEO ने कहा—मामले की जांच कराई जाएगीमामले को लेकर DEO से भी फोन पर चर्चा की गई। DEO द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराए जाने की बात कही गई है।
अब देखना होगा कि जांच में स्कूल निर्धारित समय से पहले क्यों बंद मिला और प्रधान पाठक एवं संबंधित शिक्षक की उस समय की स्थिति क्या थी।
साथ ही, यदि स्कूल समय से पहले बंद किया गया था तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है, यह भी जांच के बाद स्पष्ट होगा।अब सवाल यह है कि क्या लाल्याचापड़ स्कूल में निर्धारित समय का पालन हो रहा है या नहीं? इस पूरे मामले में विभागीय जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
