हंडिया। आज हंडिया तहसील के किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। 27 जनवरी को हुई भीषण ओलावृष्टि से बर्बाद हुई रबी फसलों के सर्वे में बरती जा रही प्रशासनिक ढिलाई के विरोध में आम किसान यूनियन ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर सर्वे की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो समूचे क्षेत्र में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।सर्वे की पारदर्शिता पर सवाल:ज्ञापन सौंपते समय आम किसान यूनियन के पवन बिश्नोई और स्वामी संतोष भारती ने प्रशासनिक उदासीनता की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि आपदा के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने अब तक न तो सर्वे की जानकारी सार्वजनिक की है और न ही ग्राम पंचायतों में कोई सूची चस्पा की है। यह किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा कृत्य है।
प्रमुख मांगें और अल्टीमेटम:
आम किसान यूनियन ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
1. दो दिन के भीतर सर्वे की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक हो।
2. पंचायतवार सूचियों को तत्काल गांवों में प्रदर्शित किया जाए।
3. छूटे हुए या त्रुटिपूर्ण सर्वे वाले किसानों का दोबारा निष्पक्ष सर्वे हो।
4. वास्तविक नुकसान के आधार पर त्वरित मुआवजा स्वीकृत किया जाए।
पुतला दहन की घोषणा:पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि दो दिनों के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन द्वारा सभी प्रभावित गांवों में राजस्व मंत्री एवं मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। इस दौरान होने वाले किसी भी जनाक्रोश और कानून व्यवस्था की स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी हंडिया प्रशासन और तहसीलदार की होगी।
