बड़झिरी अग्निकांड: पीड़ित परिवारों के लिए मदद का हाथ बढ़ा, जनप्रतिनिधि व समाजसेवी पहुंचे मौके पर।

संवाददाता अनिल मालवीय सिराली जिला हरदा एमपी

बड़झिरी में मानवता की मिसाल: विधायक अभिजीत शाह पहुंचे मौके पर, हर तरफ से मिल रही राहत

हरदा जिले के वनग्राम बड़झिरी में शनिवार को हुए भीषण अग्निकांड के बाद राहत और सहायता का सिलसिला लगातार जारी है।

आगजनी की इस घटना में आदिवासी परिवारों के आठ कच्चे मकान सहित पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।

घटना के अगले ही दिन रविवार को समाजसेवी, दानदाता एवं स्वयंसेवक बड़ी संख्या में गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही खाद्यान्न, कपड़े, कंबल, चादर सहित आवश्यक राहत सामग्री वितरित कर आपदा की इस घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

इस दौरान समाजसेवी कुंज बिहारी सोमानी ने कहा कि वनवासी परिवार इस कठिन समय में अकेले नहीं हैं, समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन की सहायता के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी हरसंभव मदद जारी रहेगी।

वहीं, ग्राम रोलगांव के समाजसेवी नर्मदा प्रसाद जानी (नन्नू भैया) एवं माणक सेठ ने भी प्रभावित परिवारों से मिलकर राहत सामग्री भेंट की और उनका हौसला बढ़ाया।स्वयंसेवकों ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथग्राम मगरदा के स्वयंसेवक प्रशांत गौर ने भी बड़झिरी पहुंचकर पीड़ितों को वस्त्र एवं अनाज वितरित किए।

स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों की इस पहल से प्रभावित परिवारों को तात्कालिक राहत मिली है।विधायक ने दिलाया हरसंभव मदद का भरोसादेर शाम सिराली पहुंचे विधायक अभिजीत शाह ने भी बड़झिरी पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

उन्होंने सभी आठ परिवारों के मुखियाओं को स्थानीय शोरूम से जरूरत के अनुसार कपड़े उपलब्ध कराए। साथ ही प्रत्येक परिवार को ₹16,000 की नगद सहायता दी अतिरिक्त ₹10,000 प्रति परिवार को देने की घोषणा की साथ ही बर्तन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई।विधायक शाह ने कहा कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाई जाएगी और उनके पुनर्वास के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

व्यापारी संघ भी आया आगेइधर सिराली के व्यापारी संघ द्वारा भी राहत के लिए राशि एकत्रित की जा रही है, जिसे शीघ्र ही पीड़ित परिवारों को प्रदान किया जाएगा।

इस पूरी घटना के बाद जहां एक ओर पीड़ित परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों की संवेदनशीलता ने यह साबित कर दिया है कि आपदा की घड़ी में समाज एकजुट होकर जरूरतमंदों के साथ खड़ा रहता है।

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