रामविलास कैरवार पत्रकार, हरदा
घटना हरदा जिले के डेटगांव की है।जो घटनाक्रम सुनने को मिला है, वह सभ्य समाज के लिए चिंताजनक है।और ऐसी घटना पुलिस के लिए चुनौती भी है…एक महिला ने 65 साल के बुजुर्ग पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया।
छीपाबड़ पुलिस ने बिना किसी ठोस जांच किए बुजुर्ग पर प्रकरण भी दर्ज कर दिया। गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया।
अब हरदा पुलिस अधीक्षक शशांक कह रहे हैं कि मामले की जांच करवाएंगे।मामले की जांच तो उस समय होना था, जब प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की जा रही थी।ताकि पता चल सके कि, महिला जो आरोप लगा रही है वह सही है या नहीं है।
एसपी की कहे अनुसार.. अगर जांच में बुजुर्ग निर्दोष पाए जाते हैं, तब उस वृद्ध की इज्जत का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई हो सकेगी क्या ?
पुलिस की कार्रवाई पर समाज के सभी लोग भरोसा करते हैं, लेकिन जब निष्पक्षता पर आंच आने लगती है, तब इसी समाज के लोग पुलिस की कार्रवाई के विरोध में खड़े हो जाते हैं।
डेडगांव के बुजुर्ग पर प्रकरण दर्ज होने के बाद, गांव के दर्जनों लोग एसपी तक पहुंचे और कहां की महिला ने आरोप झूठा लगाया है।झगड़ा इस बात का था कि, महिला उस बुजुर्ग के खेत में चारा काटने गई थी।
बुजुर्ग ने मना कह दिया, तो महिला नाराज हो गई और दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। इसमें पुलिस की कार्रवाई न्याय प्रिय नहीं दिख रही है!
