गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़। 29 सितम्बर 2025
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर आप सभी को यह जानकारी देते हुए अपार हर्ष और उल्लास हो रहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के पेण्ड्रा में पुरानी बस्ती दुर्गा पंडाल के समीप पहली बार “प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय” की ओर से तीन दिवसीय लगातार 26, 27, 28 सितम्बर 2025 तक चैतन्य देवियों की झांकी का सफल आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिदिन शाम 07:00 बजे से रात 11:00 बजे तक ब्रह्मकुमारी बहनों द्वारा माता रानी के छह स्वरूपों तथा ब्रह्मकुमारी की जीवंत झलकियां प्रस्तुत की गई, जो कि क्षेत्रवासियों को अत्यंत ही प्रभावित किया।
✒️.. विधायक प्रणव मरपच्ची के द्वारा चैतन्य देवियों की झांकी का किया गया अवलोकन...
जी.पी.एम. पेण्ड्रा में शारदीय नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा पुरानी बस्ती दुर्गा पंडाल में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय झांकी में जी.पी.एम. की ब्रह्मकुमारी बहनें चैतन्य देवियों के रूप में विराजमान थी, जी.पी.एम. के विधायक प्रणव मरपच्ची नें आकर उक्त कार्यक्रम का अवलोकन किया और अपनें वक्तव्य में कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर हमारे प्रजापिता ब्रह्मकुमारी बहनों के द्वारा हमें आमंत्रित किया गया है, इस अवसर पर हमें नव-चैतन्य देवियों की जो मनमोहक झांकी है उनका आरती-पूजा करनें का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है, यह जीवंत देवियां जो यहां पर विराजमान है और जो उनकी एकाग्रता है वह हमें कई प्रकार की सीख देता है, जैसे कि हम अपनें मन को परमात्मा की ध्यान में कैसे एकाग्र करें, हमें भी अपनें जीवन में एकाग्रता को धारण करना चाहिए, यह देवियां कितनें समय तक बिना पलक झपकाए परमात्मा की ध्यान में एकाग्रता से विराजमान हैं।
उन्होंने इस कार्यक्रम का और ब्रह्मकुमारी बहनों की बहुत ही सहाराना किया और एकाग्रता का अनुभव किया।
तीन दिवसीय उपरोक्त कार्यक्रम में पहले दिन जी.पी.एम. की जिला अध्यक्ष समीरा पैकरा उपस्थित रहे और चैतन्य देवियों की झांकी को देखकर बहुत ही सुख और शांति का अनुभव किए, साथ ही जी.पी.एम. के सभी ब्रह्माकुमारी बहनें भी उपस्थित रहीं और बहनों नें कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर हमारी ओर से सभी नगर वासियों को यही संदेश है कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से हम लोग चैतन्य झांकी प्रस्तुत किए हैं, ताकि हर घर के हर एक जन-जन तक यह संदेश पहुंचा सके कि सिर्फ जय मां कहनें से हमें खुशी और वह शांति की अनुभव नहीं मिलेगा जो हम चाहते हैं, वह प्राप्ति नहीं हो पाएगा, लेकिन जो माँ इतनी श्रेष्ठ हो, अष्टभुजा धारिणी हो, सर्व की मनोकामना पूर्ण करनें वाली हो, जिनकी माँ इतनी श्रेष्ठ उनका बच्चा कैसा होना चाहिए, तो हमें भी माता की दिव्य गुण को एकाग्रता, सहानुभूति, सहनशीलता उनकी अष्ट शक्तियों को जीवन में धारण करना चाहिए।
यह संदेश पहुंचाते हैं कि एक बार उस माँ को हम पहचानें और अपनें जीवन में अष्ट शक्तियों को धारण कर अपना जीवन खुशनुमा बना सके और यह घर-घर में संदेश देते हैं ताकि हर घर स्वर्ग बन सके और हर घर में देवी और देवता निवास कर सके।
उक्त कार्यक्रम का सत्यनारायण पांडे, अमृत न्यूज़ रिपोर्टर नें बहुत ही सहाराना किया, बिलासपुर से बी.के. विनोद भाई, मधुबन न्यूज़ रिपोर्टर उपस्थित रहे।
पेण्ड्रा नगरवासियों और आसपास के ग्रामीण जनों नें पहली बार चैतन्य देवियों की झांकी का भरपूर लाभ लिया और आनंद की अनुभूति किया।


