आम किसान यूनियन द्वारा आज ग्राम अबगांव खुर्द में सरकार की भावांतर नीतियों के विरोध में प्रतीक स्वरूप भावांतर का पुतला दहन किया। वर्तमान में अति दृष्टि से नष्ट हुई फसलों के मुआवजा की भी घोषणा सरकार द्वारा अभी तक नहीं की गई है! जिन क्षेत्रों में फसलों का उत्पादन है!

उनको मंदिरों में उचित मूल्य नहीं मिल रहा है! इन्हीं मांगों को लेकर आम किसान यूनियन में आज ग्राम अब गांव खुर्द में भावांतर का पुतला जलाया गया!
मांगे :-1 अतिवृष्टि कीट एवं वायरस से नष्ट हुई फसलों का तुरंत सर्वे कर किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए। नष्ट हुई फसल की अनावरी को सार्वजनिक किया जाए, ताकि किसान बीमा का लाभ भी प्राप्त कर सके।

2. वर्तमान में लागू की गई भावांतर योजना को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए एवं समस्त फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाए।
3. वर्ष 2018 के भावांतर की बकाया राशि जल्द से जल्द किसानों को प्रदान की जाए!
4. रासायनिक उर्वरक डीएपी एवं यूरिया की उपलब्धता प्रत्येक पंचायत स्तर पर समिति के माध्यम से ऋणी व अऋणी किसानो को सुलभ की जाए!
5. पंचायत राता तलाई मे बेसहारा मवेशीयो से किसनो की फसले बर्बाद हो रही है और सड़कों पर दुर्घटनाएं हो रही है, उनका उचित प्रबंधन गौशालाओं में किया जाए।
6. प्रत्येक खेतों के रास्तों का अर्थ वर्क किया जाए। किसान हरनाथ चोयल ने बताया कि सरकार किसानों की मांगों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है, खरीफ की फैसले नष्ट हो चुकी है आगामी रवि फसलों के रासायनिक खाद के लिए किसान कर्जदार होता जा रहा है!

किसान द्वारका गुर्जर ने कहा जब न्यूनतम समर्थन मूल्य सरकार स्वयं तय करती है तो फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करने में सरकार को क्या आपत्ति है।
उपस्थित किसान राहुल दुकतावा, सुरेश कुड़िया, कैलाश गोल्या, कैलाश करोड़े, मुरलीधर गुर्जर
