हरदा। ज्योति महोबिया पीएचई विभाग सब इंजीनियर के सुसाइड मामले में पुलिस ने 16 दिन बाद पीएचई विभाग के एक ठेकेदार पर प्रकरण दर्ज किया है।
हरदा में PHE विभाग की सब इंजीनियर ज्योति महोबिया सुसाइड केस में अब नया मोड़ सामने आया हैं,घटना के 16 दिनों बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है ।
जहां एक ओर इस देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की गई है,फिलहाल मामले में एक आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
वीओ:दरअसल, हरदा में किराए के मकान में PHE विभाग की सब इंजीनियर ज्योति महोबिया ने आत्महत्या कर ली थी… सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।
SDOP शालिनी परस्ते के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए नर्मदापुरम की FSL टीम को जांच के लिए बुलाया गया… टीम ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कर अहम साक्ष्य और दस्तावेज एकत्र किए… पुलिस का कहना है कि इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद FIR दर्ज की गई है।
हालांकि, FIR दर्ज करने में 16 दिनों की देरी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं… लेकिन पुलिस का पक्ष है कि बिना ठोस साक्ष्य के जल्दबाजी में कार्रवाई करने के बजाय वैज्ञानिक जांच को प्राथमिकता दी गई… ताकि मामला मजबूत बनाया जा सके।
जानकारी के अनुसार, मृतका ने कुछ महीने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था… अगस्त 2025 में जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के बाद उनकी जान बचाई जा सकी थी…वहीं, पुलिस ने पड़ोसियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर योगेश उर्फ रिंकू गौर के खिलाफ BNS की धारा 108, 152/2 और SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
इधर, भीम आर्मी के संभागीय अध्यक्ष महेंद्र काशिव मेहरा ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है…फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है… जहां एक ओर कार्रवाई जारी है, वहीं देरी को लेकर उठे सवालों के बीच अब आगे की जांच और गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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