22 अक्टूबर 2024/ जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को रेजिंग एंड एक्सलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस ‘‘रैम्प’’ स्कीम के अंतर्गत जिले के विभिन्न उद्योग संघों की भागीदारी के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होटल रुद्राक्ष में किया गया।
महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र श्री सचिन रोमड़े ने बताया कि यह कार्यशाला उद्योग विभाग की ज़ेड स्कीम, लीन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, आईपीआर, और इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम के बारे में जागरूकता लाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, हरदा के प्रबंधक श्री सचिन रोमड़े के संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने योजना का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। इसके बाद ‘‘रैम्प’’ योजना के उद्देश्यों और इसमें मध्य प्रदेश सरकार की भूमिका और योगदान व योजना के विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया । इसके बाद जेड (जीरो डिफेक्ट ज़ीरो इफेक्ट) विशेषज्ञ, श्री अमन बंसल ने जेड योजना के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने हरदा के उद्योगों को जेडसर्टिफाइड बनने की अपील की और इस दिशा में उद्योगों को आगे आने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद से श्री सरोज जेना ने लीन स्कीम के महत्व के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने इस योजना के कार्यान्वयन से एम.एस.एम.ई.को होने वाले लाभों पर चर्चा की। डॉ अजय चौबे, आईपीआर एक्सपर्ट ने बौद्धिक संपदा, ट्रैड्मार्क आदि से संबंधित सभी पहलुओं पर उद्योगपतियों को विभिन्न जानकारी दी। हरदा उद्योग संघ के कोषाध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल व श्री दिलीप पटेल ने अपने सदस्यों से अपील की कि वे इन योजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने उद्योगों को ज़ेड स्कीम और अन्य योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। इस वर्कशॉप में उद्योग जगत के विभिन्न प्रतिनिधियों व जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, हरदा के प्रतिनिधि शामिल हुए।
