भारत के पडोसी देश नेपाल से एक बेहद ही चौका देने वाला मामला सामने आया है,जहाँ नेपाल सरकार के द्वारा 25 बिना रजिस्ट्रेशन किए हुए सोशल मीडिया अकाउंट को वेन कर दिया गया! नेपाल सरकार का कहना है कि, जिन 25 सोशल मीडिया अकाउंट को वेन किया गया है! उन्हें वेन करने से पूर्व मे सुचना दे दी गई थी!जिसके बाद कुछ सोशल मिडिया अकाउंट के द्वारा रजिस्ट्रेशन करा लिया गया था!

तथा कुछ का रजिस्ट्रेशन पेंडिंग था!बाकी के द्वारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था!जिसके चलते नेपाल सरकार को 25 सोशल मीडिया अकाउंट को नेपाल मे वेन कराना पढ़ा! सरकार के द्वारा यह भी कहा गया की सोशल मिडिया अकाउंट के द्वारा देश मे आपराधिक गतिविधिया भी संचालित की जाती है! तथा अनैतिकता भी फेल सकती है!

नेपाल सरकार के द्वारा बताया गया कि नेपाल के युवाओं से किसी प्रकार की कोई दुश्मनी नहीं है, ना ही वह किसी कोई नुकसान पहुंचना चाहते है!वही युवाओं का कहना है की नेपाल सरकार के द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट को वेन कर देने से युवा को नुकसान हुआ है! क्योंकि कई युवा सोशल मीडिया के द्वारा पढ़ाई व्यवसाय आदि करते हैं!
सोशल मीडिया कई युवाओं के लिए आय का एक साधन है!वैसे ही देखा जाए तो नेपाल में बहुत ही बेरोजगारी है!इसके बाद कुछ युवा सोशल मीडिया अकाउंट के द्वारा रोजगार प्राप्त कर रहे है, तो सरकार के द्वारा उन्हे भी वेन कर गया जिससे युवाओं को काफी नुकसान हुआ है इसी नुकसान को देखते हुए!
बताया जा रहा है कि संसद भवन में 12000 से अधिक युवा प्रवेश कर गए थे! तथा उन्होंने संसद भवन के एक को दो नंबर गेट पर कब्जा कर लिया!!और संसद भवन को काफी नुकसान पहुंचाया! आज तक इतनी बड़ी संख्या में संसद भवन में प्रवेश नहीं हुआ था! नेपाल में सड़कों पर इतने लोग उतर चुके हैं कि उनकी गिनती कर पाना भी मुश्किल है!
आंदोलनकारी में 13 से 28 वर्ष से की आयु के लोगों की संख्या ज्यादा है! क्योंकि यही सोशल मीडिया अकाउंट्स का ज्यादा उपयोग करते हैं!यह दूसरी बार था जब सड़कों पर इतने लोग उतरे थे!युवाओं के द्वारा नेपाल में उग्र आंदोलन कर दिया गया

तथा सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ युवाओं ने संसद भवन, एंबुलेंस,बस कर आदि कई निजी और सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया है! तथा नेपाल के प्रधानमंत्री तक का पोस्टर फाड़ दिया युवाओं में बहुत ही गुस्सा है नेपाल सरकार के लिए !
पुलिस के द्वारा आंदोलनकारी को संसद भवन में घुसने से रोकने के लिए बैरक का उपयोग किया गया था! परंतु युवाओं की संख्या ज्यादा होने के कारण उन्होंने बैरक को तोड़ दिया!तथा संसद भवन में घुसकर तोड़फोड़ की और बाद में होने पुलिस को अपने निशाना बनाया उन्होंने पुलिस पर जमकर पत्थर बरसाए!

इसके बाद पुलिस के द्वारा उन्हें शांत करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का सहारा लिया गया!पुलिस की कार्रवाई के दौरान 20 से अधिक युवाओं की मौत हो गई!और कई घायल हो चुके हैं!आंदोलन को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री ने आपातकालीन बैठक बुलाई और आंदोलन को शांत करने के लिए रणनीति बनाई !
