“आईसीएआर की भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ केवीके के कर्मचारियों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन”

” आज दिनांक 23 सितंबर 2025 को देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारियों ने कलम बंद हड़ताल एवं प्रदर्शन किया!उनकी मांग है की परोड़ा उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश के अनुसार वन नेशन वन केवीके तथा आईसीआर द्वारा किए जा रहे!वेतन संबंधी भेदभाव का अंत हो|

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"आईसीएआर की भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ केवीके के कर्मचारियों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन" 3

कर्मचारियों का कहना है कि समान कार्य करने के बावजूद उन्हें आईसीआई केविके कर्मचारियों की अपेक्षा कम वेतन एवं पदोन्नति के अवसरों से वंचित किया जा रहा है यह आंदोलन सुबह 10:00 बजे से प्रारंभ हुआ और शाम 6:00 बजे तक चला जिसका आह्वान केवीके एवं एआईसीआरपी द्वारा किया गया |

ज्ञात हो कृषि विज्ञान केंद्र कृषि प्रसार प्रणाली की रीड बने हुए हैं| किसानों के खेतों तक वैज्ञानिक शोध को पहुंचाना, युवाओं को प्रशिक्षण देना, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना कृषि विज्ञान केंद्र का मुख्य कार्य रहा है | समान कार्य किंतु आसमान वेतन मुद्दे प्रमुख क|रण रहे हैं!

कृषि विज्ञान केंद्र जिले स्तर पर एकमात्र प्रौद्योगिकी आधारित संस्थान है जिसमें कृषि एवं संबद्ध विषयों के विभिन्न विषयों के वैज्ञानिक सम्मिलित होते हैं | यह वैज्ञानिक नई तकनीक का प्रसार करते हैं एवं सरकार और किसानों के बीच एक सेतु का काम करते हैं!

कृषि विज्ञान केंद्र ने कृषि प्रतिभा को प्रोत्साहित करने किसान समुदाय में नवमेश को बढ़ावा देने उत्पादकता सुधारने और कृषको की आजीविका उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ,

इस प्रकार कृषि विज्ञान केंद्र देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान और विशेष कर कृषि के विकास के लिए सेवाएं प्रदान करते हैं| पिछले 50 वर्षों से कृषको की सेवा कर रहे कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारियों को न्याय और समानता मिलना चाहिए|

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