शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर भड़के जगद्गुरु रामभद्राचार्य: बोले- अन्याय उनके साथ नहीं हुआ, उन्होंने स्वयं किया है।

ग्वालियर। जगद्गुरु रामभद्राचार्य अल्प प्रवास पर ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद और हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

स्वयं ने किया नियमों का उल्लंघनजगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, बल्कि नियमों का उल्लंघन उन्होंने स्वयं किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘अन्याय उनके साथ नहीं हुआ है, उन्होंने अन्याय किया है। मैं जगद्गुरु हूं, जबकि वे अभी जगतगुरु भी नहीं हैं। नियम यह होता है कि गंगा तट पर रथ से नहीं जाया जाता। जब पुलिस ने रोका था, तो उन्हें नहीं जाना चाहिए था। हम लोग तो संगम तक भी पैदल जाते हैं।

‘सरकार की ओर से नोटिस दिए जाने के सवाल पर रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि सरकार का कदम पूरी तरह सही है और इसमें किसी तरह की गलती नहीं है। शंकराचार्य पद को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी किसी को शंकराचार्य घोषित ही नहीं किया है, ऐसे में इस विषय पर भ्रम फैलाया जा रहा है।

दिग्विजय सिंह के बयान पर बोला हमलावहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ‘हिंदू’ शब्द को लेकर दिए गए बयान पर जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मैं साफ कहना चाहता हूं कि दिग्विजय सिंह को शास्त्र का कोई ज्ञान नहीं है। उन्होंने शास्त्रों में वर्णित श्लोकों का उदाहरण देते हुए ‘हिंदू’ शब्द को पूर्णतः शास्त्र सम्मत बताया और कहा कि जिसे शास्त्र का ज्ञान नहीं, वह इस विषय पर क्या टिप्पणी करेगा।

जगद्गुरु के इन बयानों के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूरा मामला ग्वालियर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Leave a Comment