अस्पताल में टिटनेस इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने, से मरीजों को होने वाली परेशानी और संबंधित अधिकारियों के बयानों को शामिल किया गया है।

हरदा जिले कि तहसील सिराली मे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टिटनेस इंजेक्शन का अभाव सिराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टिटनेस इंजेक्शन की कमी, मरीजों को खुद खरीदकर लाना पड़ रहा इंजेक्शनदो साल से इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने का दावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठे सवालआनंद गवली, चीफ ब्यूरो, नर्मदापुरम संभागसिराली, जिला हरदा। हरदा जिले की तहसील सिराली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को इलाज कराने के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पताल में टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को स्वयं बाहर से इंजेक्शन खरीदकर लाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से मरीज परेशानप्राप्त जानकारी के अनुसार, सिराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने आने वाले मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर टिटनेस का इंजेक्शन अस्पताल से नहीं मिल पा रहा है।

मरीजों को इंजेक्शन के लिए बाहर जाना पड़ता है और उसे खरीदकर अस्पताल लाना पड़ता है। इससे मरीजों को होने वाली असुविधा के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।विशेष रूप से चोट लगने या अन्य ऐसी परिस्थितियों में जब चिकित्सक टिटनेस से बचाव के लिए इंजेक्शन लगाने की सलाह देते हैं, तब मरीजों को समय पर सुविधा मिलना आवश्यक होता है। ऐसे में अस्पताल में इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

सीएचएमओ हरदा से चर्चा, अस्पताल की जिम्मेदारी बताईइस मामले में हरदा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचएमओ) से फोन पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि इंजेक्शन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अस्पताल की है। अस्पताल प्रबंधन को या तो इंजेक्शन अपने यहां उपलब्ध रखना चाहिए या फिर आवश्यकता पड़ने पर उसी समय उसकी व्यवस्था करनी चाहिए।

मरीज को स्वयं इंजेक्शन लेकर आने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।सीएचएमओ के इस कथन के बाद अब सवाल यह उठता है कि यदि इंजेक्शन की व्यवस्था करना अस्पताल की जिम्मेदारी है, तो सिराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को इसे बाहर से खरीदकर क्यों लाना पड़ रहा है? इस स्थिति की जिम्मेदारी तय करने और व्यवस्था में सुधार करने की आवश्यकता है।

डॉ. रामकृष्ण चौधरी ने बताई दो साल से इंजेक्शन नहीं होने की बातइस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराली के डॉ. रामकृष्ण चौधरी से भी फोन के माध्यम से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पिछले दो वर्षों से टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है।डॉक्टर के इस कथन से अस्पताल में दवा की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल सामने आते हैं।

यदि वास्तव में लंबे समय से इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है, तो इस दौरान मरीजों को इसकी व्यवस्था किस प्रकार करनी पड़ रही है और अस्पताल में इसकी नियमित आपूर्ति क्यों नहीं हो सकी, इसकी जांच आवश्यक है।स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर उठे सवालसरकारी अस्पतालों में मरीज इस उम्मीद से पहुंचते हैं कि उन्हें आवश्यक उपचार और दवाइयां समय पर उपलब्ध होंगी।

लेकिन यदि किसी जरूरी इंजेक्शन के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़े, तो उन्हें आर्थिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।सिराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टिटनेस इंजेक्शन की उपलब्धता का मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए ध्यान देने योग्य है।

संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शनों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे तथा मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।मरीजों को राहत दिलाने की जरूरतअब जरूरत है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टिटनेस इंजेक्शन की उपलब्धता की स्थिति की जांच करे।

साथ ही, दवाइयों की आपूर्ति में आ रही समस्याओं का समाधान कर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।मुख्य सवाल यह है कि जब सीएचएमओ के अनुसार इंजेक्शन की व्यवस्था करना अस्पताल की जिम्मेदारी है, तो फिर मरीजों को इसे खुद खरीदकर क्यों लाना पड़ रहा है? स्वास्थ्य विभाग को इस सवाल का जवाब देते हुए व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।

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