रिपोर्ट अभीषेक लोधी
हंडिया। रिद्धनाथ मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आई एक रसीद में सफाई व्यवस्था के नाम पर 100 रुपये की राशि दर्ज दिखाई दे रही है। वहीं, परिसर में जगह-जगह गंदगी और कचरा नजर आने से सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर नाराजगी है कि यदि श्रद्धालुओं से सफाई के नाम पर राशि ली जा रही है, तो परिसर में नियमित साफ-सफाई क्यों नहीं दिखाई दे रही है? श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक स्थल की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था की जांच किए जाने की मांग उठ रही है।
मंदिर पुजारी की भूमिका पर भी उठे सवाल
सफाई के नाम पर राशि एकत्रित करने की व्यवस्था में मंदिर प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदारों की क्या भूमिका है, यह स्पष्ट होना जरूरी है। मंदिर के पुजारी पर अवैध वसूली में सहयोग करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
जिम्मेदार अधिकारियों से जांच की मांग
इस मामले में संबंधित प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को निम्न बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए:
सफाई के नाम पर 100 रुपये लेने का आधार क्या है?
क्या इस राशि की वसूली के लिए कोई आधिकारिक आदेश या निर्धारित नियम है?
एकत्रित राशि का उपयोग सफाई व्यवस्था में किस प्रकार किया जा रहा है?
परिसर में नियमित सफाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या इस व्यवस्था की जांच कर श्रद्धालुओं को उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी?
श्रद्धालुओं को मिलें बेहतर सुविधाएं
रिद्धनाथ परिसर हंडिया एक धार्मिक स्थल है, जहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में स्वच्छता बनाए रखना संबंधित जिम्मेदारों की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि सफाई के नाम पर राशि ली जा रही है, तो उसकी पारदर्शिता और उचित उपयोग भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अब सवाल यह है कि रिद्धनाथ मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था को लेकर उठ रहे इन सवालों पर जिम्मेदार अधिकारी कब संज्ञान लेंगे और परिसर को स्वच्छ बनाने के लिए क्या कदम उठाएंगे?
