ग्राम पंचायत भगवानपुरा में बाउंड्रीवाल और सड़क निर्माण को लेकर सवाल।

वाददाता आनंद गवली सिराली

हरदा/सिराली।15 अगस्त की ग्रामसभा में सरपंच-सचिव के समक्ष मामला उठाया, आवेदन की पावती भी मौजूद; जनपद पंचायत में भी आवेदन देकर पावती प्राप्त सं ग्राम पंचायत भगवानपुरा, जनपद पंचायत खिरकिया में पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल एवं सड़क निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी को लेकर मामला सामने आया है।

सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।आवेदन में प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, स्वीकृत एस्टीमेट, नक्शा एवं कार्ययोजना, स्वीकृत राशि, किए गए भुगतान, बिल-वाउचर, माप पुस्तिका (MB) तथा निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री एवं मशीनरी से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं।

ग्रामसभा में सरपंच और सचिव के समक्ष भी उठाया मामला15 अगस्त को आयोजित ग्रामसभा में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव के समक्ष पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल और सड़क निर्माण कार्य से संबंधित पूरी बात रखी गई।

ग्रामसभा में मौजूद पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों के सामने निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी और सवाल रखे गए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।इसी संबंध में ग्रामसभा के दौरान सरपंच एवं सचिव को लिखित आवेदन भी दिया गया था, जिसकी पावती भी मौजूद है।

इसके बावजूद आवेदन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।जनपद पंचायत में भी दिया आवेदन, पावती मौजूदमामले को लेकर जनपद पंचायत खिरकिया में भी संबंधित अधिकारी के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया है।

आवेदन में पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल एवं सड़क निर्माण से जुड़े स्वीकृति आदेश, एस्टीमेट, नक्शा, भुगतान, बिल-वाउचर, एमबी सहित अन्य अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।

जनपद पंचायत में दिए गए आवेदन की पावती भी प्राप्त की गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि संबंधित कार्यालय के समक्ष मामले को लिखित रूप में रखा गया है। अब आवेदक द्वारा मांगी गई जानकारी और आवेदन पर की जाने वाली कार्रवाई का इंतजार है।

आरटीआई आवेदन पहले किया गया था निरस्तइससे पहले ग्राम पंचायत भगवानपुरा के लोक सूचना अधिकारी द्वारा 3 अगस्त 2026 को जारी पत्र में आरटीआई आवेदन के संबंध में बताया गया कि आवेदन में 13 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी।

पत्र में कुछ बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी स्पष्ट एवं विशिष्ट नहीं होने का उल्लेख करते हुए आवेदन निरस्त किया गया।

अब सवाल यह है कि ग्रामसभा में आवेदन देने, उसकी पावती होने तथा जनपद पंचायत में भी आवेदन प्रस्तुत कर पावती प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।

निर्माण कार्य से जुड़े स्वीकृति पत्र, एस्टीमेट, एमबी, बिल एवं भुगतान अभिलेख सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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