संवाददाता मिथलेश वैष्णव
हरदा। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में आ रही तकनीकी दिक्कतों और सरकार की कार्यप्रणाली से प्रदेश का किसान आक्रोशित है। इसी कड़ी में अब हरदा जाट समाज अध्यक्ष सत्यनारायण सिरोही ने मुखर होकर किसानों की समस्याओं को आवाज दी है।
उन्होंने 28 अप्रैल 2026 को होने वाले किसान आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।”सैटेलाइट सर्वे” के नाम पर किसानों को परेशान करने का आरोपसिरोही ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
उन्होंने स्लॉट बुकिंग में आ रही दिक्कतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पटवारियों ने खेतों का फिजिकल वेरिफिकेशन (गिरदावरी) किया और अधिकारियों ने उसे सत्यापित किया, तो अब सैटेलाइट सर्वे का हवाला देकर किसानों को क्यों रोका जा रहा है?
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी वर्ग अपनी मनमानी से किसानों को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर रहा है।मुख्यमंत्री के नियंत्रण पर उठाए सवालअधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए सिरोही ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी का सरकारी अमले पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।
” उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि किसानों ने जिन जनप्रतिनिधियों को वोट देकर जिताया, आज वे भी किसानों की पीड़ा पर मौन साधे हुए हैं।आंदोलन को बताया सत्यनारायण सिरोही ने स्पष्ट किया कि आगामी आंदोलन पूर्णतः गैर-राजनीतिक है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से निवेदन किया है कि वे इस मुद्दे पर अपनी “राजनीतिक रोटियां” न सेकें।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि 28 अप्रैल से पहले सरकार ने अन्नदाता की मांगों पर विचार नहीं किया, तो आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचेगा।”मैं स्वयं और मेरा पूरा परिवार किसान है।
किसानों का दर्द मेरा व्यक्तिगत दर्द है, इसलिए मैं इस आंदोलन का पूर्ण समर्थन करता हूं। अन्नदाता को परेशान करना बंद करें।” > — सत्यनारायण सिरोही (अध्यक्ष, जाट समाज, हरदा)सिरोही ने अपने साथियों और सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील की है कि वे इस विषय पर चर्चा करते समय मर्यादित और शालीन भाषा का उपयोग करें। उनके इस समर्थन के बाद क्षेत्र के किसानों में नई ऊर्जा देखी जा रही है।
