प्रदेश के किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। महासंघ के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों किसान आगामी 4 मई को अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ राजधानी भोपाल कूच करेंगे।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक लंबी लड़ाई है। किसान अपने साथ दैनिक उपयोग की वस्तुएं, राशन (आटा-दाल), बिस्तर और खाना पकाने के लिए कंडे (उपले) लेकर आएंगे।
किसान जहां भी रोके जाएंगे, वहीं शांतिपूर्ण धरना शुरू कर देंगे।यह धरना अनिश्चितकालीन होगा, जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।
बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में महासंघ के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष त्रिलोक गोठी, प्रदेश महामंत्री घनश्याम पटेल और प्रदेश अध्यक्ष शोभाराम भलावी ने सरकार की बेरुखी पर नाराजगी जताते हुए निम्नलिखित मुख्य मुद्दे उठाए: राजस्थान की तर्ज पर गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाए।
गिरदावरी में सैटेलाइट गेहूं की फसल को ‘चना’ दिखा रहा है, जिससे स्लॉट बुकिंग में भारी दिक्कतें आ रही हैं। सहकारी बैंकों के कृषि कर्ज की अदायगी की तिथि (Deadlines) आगे बढ़ाई जाए।
“सरकार को दो बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसान वर्तमान में कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
अब हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।”जब तक मांगे पूरी नहीं होगी पीछे नहीं हटेंगे।
