जिला सर्व ब्राह्मण समाज संगठन हरदा द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था का संदेश दिया, बल्कि गंगा-जमुनी संस्कृति की खूबसूरत मिसाल भी प्रस्तुत की।
यह आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता की उस गहरी जड़ को दर्शाता है, जो वटवृक्ष की तरह मजबूत, विस्तृत और अटूट है।शोभायात्रा का जिला राईन समाज विकास समिति हरदा द्वारा पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। यह दृश्य अपने आप में एक ऐसा संदेश था, जिसमें धर्म नहीं, दिलों का मेल प्रमुख था।
कार्यक्रम में उपस्थित हाजी राशिद राईन (जिला अध्यक्ष राईन समाज विकास समिति), तुकाराम बिलारे अधिवक्ता, बिलाल राईन, भगतसिंह यादव, इब्राहिम राईन, मेहमूद राईन (बाबा), नासिर राईन, जुनैद राईन, अककू खान, अतीक राईन, आवेस राईन, उबैद राईन, साकिर राईन, अमित पवार, साबिर शेख, रमजान शेख, कालू शेख, आकिल कुरेशी, वारिद राईन, बासित राईन सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे।
इस अवसर पर समाज के दोनों वर्गों ने मिलकर यह सिद्ध कर दिया कि जब संस्कृतियां मिलती हैं, तो एक नई पहचान बनती है—जहां “गंगा” की पवित्रता और “जमुना” की मिठास साथ बहती है।
यह आयोजन केवल एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सम्मान और सौहार्द का जीवंत प्रतीक बन गया।हरदा की यह पहल समाज को यह संदेश देती है कि भाईचारे की जड़ें जब मजबूत होती हैं, तो वह वटवृक्ष बनकर पीढ़ियों तक छाया देती हैं।
