भगवानपुरा पंचायत मामले में कार्रवाई क्यों नहीं? अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल

संवाददाता आनंद गवली सिराली

सिराली/भगवानपुरा। हरदा जिले की तहसील सिराली अंतर्गत ग्राम पंचायत भगवानपुरा में पंचायत बाउंड्रीवाल निर्माण से जुड़े मामले को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

शिकायतकर्ता के अनुसार बाउंड्रीवाल निर्माण से संबंधित कार्य एवं भुगतान में अंतर को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। दस्तावेजों में दर्ज कार्य और मौके पर वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की जा रही है। इसके बावजूद शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले में अभी तक निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले को लेकर उनके द्वारा प्रवीण इवने साहब को फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। वहीं जनपद पंचायत खिरकिया की CEO रीना कुमारी को भी मामले की पूरी जानकारी दी गई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार उनके द्वारा भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी जा चुकी है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में जांच कराने से क्यों पीछे हट रहे हैं?

अधिकारियों के संज्ञान में मामला होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। क्या मामले में संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत है? यह जांच का विषय है।

मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत बाउंड्रीवाल निर्माण में कोई अनियमितता हुई है या नहीं और यदि हुई है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

संवाददाता आनंद गवली सिराली शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बाउंड्रीवाल निर्माण से संबंधित स्वीकृति, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और मौके पर हुए वास्तविक निर्माण की जांच कराई जाए। जांच में दोष पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद भी लंबित इस मामले में निष्पक्ष जांच कब शुरू होती है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब तक होती है।

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