हरदा। अनुविभागीय दंडाधिकारी हरदा श्री शैलेन्द्र बड़ोनिया ने धारा 163 बीएनएसएस के तहत आदेश जारी कर नर्मदा सहित सभी नदियों में सीधे मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जारी आदेश अनुसार हरदा जिले के राजस्व अनुभाग हरदा के सभी नर्मदा घाटों एवं अन्य नदियों की जलधारा में सीधे मूर्ति विसर्जन तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है।
साथ ही मूर्तियों का विसर्जन जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही किया जा सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित उल्लंघनकर्ता के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी।
श्री बडोनिया ने बताया कि 19 एवं 20 अक्टूबर 2026 एवं बाद के दिनों में राजस्व अनुभाग हरदा के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित माँ दुर्गा की प्रतिमाएं जो कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) अथवा हानिकारक सिंथेटिक रंगों से निर्मित हैं, का विसर्जन नर्मदा एवं अन्य स्थानीय नदियों में किये जाने की संभावना है, जिससे जनहानि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
नदियों के पानी को निर्मल, प्रदूषणमुक्त तथा मानव एवं पशु के पीने योग्य बनाए रखने एवं जलीय जीवों की जीवनरक्षा के उद्देश्य से नर्मदा नदी एवं अनुभाग की अन्य नदियों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाना आवश्यक है।
इस संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण तथा सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी एवं आदेश भी जारी किए गए हैं।
