हरदा – थाना छीपाबड़ अंतर्गत ग्राम भागपुरा की आदिवासी क्षिप्रा बाई ने जिला हरदा मुख्यालय पर एसपी को शिकायत पत्र देकर जांच व कार्रवाई की मांग की। आदिवासी महिला ने बताया कि छीपाबड़ थाना के पुलिसकर्मी द्वारा उसके अंतर्वस्त्र में हाथ डालकर मोबाइल निकालने एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर की महिला के द्वारा केसीसी की राशि की चोरी की शिकायत को पुलिसकर्मी ने बन्द कर दी।
आदिवासी महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर चोरी की राशि व गलत तरीके से छूने की जांच व कार्रवाई की मांग की है।
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■ क्या है मामला – शिकायत पत्र के अनुसार करीब एक वर्ष पूर्व केसीसी के एक लाख सत्तर हजार रुपये बैंक से घर लाकर रखने के बाद गांव के ही एक महिला पुरुष ने घर आकर चाय पीने के बहाने से गायब कर दिए। इस आशय की शिकायत थाना छिपावड़ करने जाने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मी राजेन्द्र मीणा द्वारा अभद्र व्यवहार कर उनके वापिस लौटा दिया गया।
बाद में उक्त आदिवासी महिला ने 181 पर चोरी की शिकायत दर्ज करवाई। एक दिन गांव आकर पुलिसकर्मी मीणा ने उसके ब्लाउस में हाथ डाल गलत ढंग से छूते हुए अंदर रखे मोबाइल को निकाल कर धमकी देते हुए 181 पर दर्ज चोरी की शिकायत को बंद कर दिया ।
इस मामले में शिकायत को लेकर 9 जुलाई 2026 को आदिवासी महिला हरदा पुलिस अधीक्षक कार्यालय आई और शिकायत पत्र देकर उसकी पावती ली। फिलहाल इस मामले में पुलिसकर्मी की शिकायत होने के कारण पुलिस की ख़ामोशी को लेकर जनचर्चा जारी है।
आदिवासी महिला के द्वारा चोरी की शिकायत करने जाने पर छिपावड़ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार करने को लेकर पुलिस के कमज़ोरों के साथ व्यवहार की भी चर्चा जारी है। इधर इस मामले में आदिवासी महिला द्वारा चोरी की शिकायत मुख्यमंत्री सहायता केंद्र 181 पर करने और इस बात से खीझ कर पुलिसकर्मी द्वारा भागपुरा ग्राम जाकर महिला के बेटे के सामने उसके अंतर्वस्त्र में गलत तरीके से हाथ डालने और मोबाइल निकालकर शिकायत बन्द करने के पुलिसिया तरीक़े की मुख्यालय पर चर्चा है।
जनचर्चा में यह बात भी खुलकर की जा रही है कि पुलिसकर्मी मीणा द्वारा चोरी की शिकायत को जल्द बंद करने के चक्कर मे महिला के अंतर्वस्त्र में हाथ डाल मोबाइल निकाल गलत ढंग से छूने की एक नई शिकायत को जन्म दिया गया है।
बहरहाल , कानून हाथ में लेने वालों को सज़ा दिलवाने में अग्रणी पुलिस इस मामले में खुद ही अपने हाथ उलझा कर फंसती हुई दिखाई दे रही है। फिलहाल आलाधिकारी द्वारा इस मामले की जांच करने और आदिवासी महिला को चोरी के मामले और पुलिसकर्मी के अभद्र भाषा एवं गलत तरीके से छूने की शिकायत पर कार्रवाई होने का इंतज़ार बाकी है।
9 जुलाई को दिए इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री भोपाल, सचिव गृह विभाग भोपाल, पुलिस महा निदेशक भोपाल व पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम को दी गयी है।
इनका कहना है – मीडिया को दिए वर्सन के मुताबिक एएसआइ ने कहा कि महिला के आरोप निराधारः एएसआइ राजेंद्र मीणा ने कहा कि महिला के आरोप निराधार है। महिला ने चोरी का आरोप लगाया है वे उनके रिश्तेदार ही है। शिकायत बंद कराने ऐसा व्यवहार नहीं किया गया। वरिष्ठ अधिकारी के प्रतिवेदन पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायत दर्ज की गई।
