हरदा।ग्रामीण क्षेत्र में ठोस कचरे के प्रबंधन हेतु ग्राम पंचायतें कार्ययोजना बनाकर कार्य करें ताकि ग्राम में स्वच्छता का वातावरण निर्मित हो और प्रदूषण एवं बिमारियों से बचाव हो सके।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति अंजली जोसफ ने बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में चयनित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायकों की बैठक आयोजित कर निर्देशित किया।

उन्होने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतें घर-घर से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हेतु वाहन की व्यवस्था करें और डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करते हुये उनका सेग्रिगेशन करें। बायोडिग्रीडेबल कचरे का निपटान नाडेप या कंपोस्ट पिट में करें और प्लास्टिक अपशिष्ट को संग्रहित कर नगरीय निकायों को सौंपे।
कचरा संग्रहण का कार्य नियमित रूप से ग्रामों में किया जाये इस हेतु कचरा वाहन को ग्रामों में चलाने हेतु रूट चार्ट बनाया जाये।
उन्होने ग्रामीणों को जागरूक किया जाये ताकि वे घर, प्रतिष्ठानों, दुकानों आदि से उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रबंधन हेतु कचरा गाड़ी में डालने के लिये विभिन्न गतिविधियां जैसे- माईकिंग या डोंडी पिटाकर लोगों को अवगत कराना, सूचना बोर्ड व दिवार लेखन कराने, सूखे, गीले कचरे के संग्रहण हेतु 2 डस्टबीन या पात्र की व्यवस्था करने एवं ग्राम को साफ-सुथरा रखने हेतु आवश्यक सहयोग करने के लिये विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिये।
बैठक में इस कार्य में सहयोग न करने वाले लोगो व संस्थाओं पर जुर्माना अधिरोपित करने के निर्देश दिये गये। उन्होने निर्देशित किया स्वच्छता कर की वसूली सुनिश्चित हों, ग्राम पंचायतें उस दिशा में कार्य करें।
बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण में जनपद पंचायत हरदा की ग्राम पंचायत हंडिया, मगरधा, डगावाशंकर, गहाल, सोनतलाई व बैड़ी, जनपद पंचायत खिरकिया की ग्राम पंचायत पोखरनी, मांदला, मोरगढ़ी, सांगवामाल, रहटाकलां, जिनवानिया व चारूआ तथा जनपद पंचायत टिमरनी की ग्राम पंचायत रहटगांव, छीपानेर, छिदगांवमेल, बिच्छापुर, तजपुरा, धौलपुरकलां एवं बाजनिया ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है।
आगामी चरण में अन्य ग्राम पंचायतों को भी शामिल किया जाकर जिले के सभी ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य कराया जायेगा। विदित हों कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत ग्रामों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
