मवेशियों की संदिग्ध मौत, नगरपालिका व पिनेकल स्कूल पर उठे सवाल, जांच में हो खुलासा।

हरदा । पीलियाखाल में मवेशी की करंट से मौत और दफनाने की घटना ने पशुप्रेमियों के माथे पर चिंता की लकीर खेंच दी है। एक दैनिक अखबार ने इस खबर को प्रकाधित किया। भूमि मालिक राजेश चौहान अखबार के हवाले से बताया कि मवेशी करंट से मारे गए। पिनेकल स्कूल वालों ने प्राइवेट जेसीबी से उन्हें मेरे खेत मे दफ्न कर दिया। चौहान के अनुसार पहले भी पिनेकल स्कूल ने करंट फैलाया था जिससे मवेशी की जान गई थी।

अखबार के अनुसार पिनेकल के अब्दुल सईद ने करंट फैलाने से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर से बाहर की घटना है। सईद ने बताया कि पिनेकल प्रिंसिपल ने नपा को फोन कर सूचना दी थी । नपा कर्मचारियों द्वरा मवेश को दफनाया गया।

इधर अखबार को दिए बयान में नगरपालिका सीएमओ ने इस संबंध में सूचना मिलने से इनकार किया। अखबार में बयान दिए कि नियत स्थान के अलावा अन्य भूमि पर जानवरो को दफनाना गलत है। कर्मचारियों से बात करने की बात कही।

नपा सीएमओ की मानें तो उनके पास कोई सूचना नहीं। फिर प्रिंसिपल ने किससे बात की। नपा कर्मचारी यदि वहां पहुंचते तो स्कूल के पास निजी भूमि पर मवेशी क्यों दफनाते? जबकि उन्हें बिरजाखेड़ी का स्थान ज्ञात है। बिना भूमि मालिक की अनुमति के आखिर किन लोगों ने मवेशी वहां दफनाएं। नपा को मामले की जांच करवाकर अपनी भूमिका साफ करना चाहिए। क्योंकि इस मामले में लेनदेन कर मामला निपटाने की चर्चा चल रही है। भूमि स्वामी चौहान द्वारा अखबार में करंट फैलाने का आरोपकिस आधार पर लगाया गया है। मृत पशुओ की जांच कर इसकी पुष्टि होना चाहिए ।

सूत्रों की मानें तो इस काम के लिए पैसे बांटे गए। शहर में ऐसी चर्चा रही। निजी जेसीबी किसकी थी। कौन कर्मचारी थे ये तो स्कूल प्रबन्धन बेहतर बता सकता है।

चर्चा में नपा कर्मचारियों ने किसी काम मे व्यस्त होने के चलते शाम को 4 बजे पहुंचने की बात कही थी। अब यदि नपा कर्मचारी वहां नहीं गए थे। वहां कौन गया था। स्कूल द्वारा नपा कर्मचारियों द्वारा मवेश दफनाने की बात की जा रही है। नपा कर्मचारियों की चुप्पी भी संदेह से भरी है।

हरदा के गौप्रेमी का इस मामले में चुप रहना हैरत अंगेज है। मवेशियों की मौत के मामले में कई लोगों के फायदे होने की भी चर्चा शहर में रही।

वर्ल्ड स्वराज की टीम राजेश चौहान से समय लेकर मौके पर भी पहुंची लेकिन भूमि मालिक नहीं आये। अब इस मामले को अगर बिना जांच के छोड़ दिया गया तो करंट की आड़ में अवैध तरीके से पशुधन को निपटाया जाता रहेगा। फिलहाल मवेशियों की मौत और दफनाने के मामले में नगरपालिका और पिनेकल स्कूल प्रबन्धन दोनों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।

वर्ल्ड स्वराज न्यूज ने जब सीएमओ से बात की तो उनका कहना था कि मैने मेरे सभी कर्मचारियों से बात की है कोई भी पिनेकल स्कूल के पास खेत में मवेशी को दफनाने नहीं गया कल प्रभारी मंत्री आने वाले है फिर में इस मामले की जांच करवाता हु।

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