कन्नौद रिपोर्टर विनोद भूतडा मो न 9981458826
इंदौर के नौलखा बस स्टैंड से चलने वाली निजी यात्री बसे जो कन्नौद -खातेगांव -हरदा – इटारसी बैतुल सहित कई शहर तथा नगर मे जाती है उन्हे नायता मुंडला बस स्टैंड पर शिफ्ट किया करीब 1 साल बीत गया लेकिन यात्रियों को राहत देने के नाम पर किए गए दावे अब खोखले साबित हो रहे हैं जिस बस स्टैंड को व्यवस्थित परिवहन केंद्र बनाना था, वहा आज भी लोकल कनेक्टिविटी अधूरी है ।
रोजाना 150 से 200 बसे चलती है जिन से हजारों यात्री यहां आते जाते है लेकिन इंदौर शहर के प्रमुख हिस्सों तक पहुंचने के लिए नियमित लोकल बसो की व्यवस्था नहीं है नतीजा यह है कि यात्री ऑटो चालकों की मनमानी के आगे मजबूर है और मनमाना किराए चुकाने को विवश हो रहे हैं ।
इंदौर से ऑनलाइन बुकिंग भी तुरंत राहत नहीं देती क्योंकि गाड़ी आने में आधा घंटा लग जाता है सबसे अधिक फजीहत सुबह और रात के समय में होती है नायता मुंडला बस स्टैंड को हरदा होशंगाबाद कन्नौद खातेगांव की बसों का मुख्य केंद्र तो बना दिया गया लेकिन इंदौर शहर में आने-जाने की समुचित व्यवस्था नहीं की गई यहां से कोई नियंत्रित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है ।
इसी खालीपन का फायदा ऑटो वाले मनमाना किराया लेकर उठा रहे हैं जैसे ही हरदा कन्नौद खातेगांव क्षेत्र से बसे बस स्टैंड के पहले पंचमुखी हनुमान मंदिर पर पहुंचती है वैसे ही ऑटो वाले घेराबंदी कर यात्रियों को मनमानी किराए के लिए बोलते हैं कई यात्री समय और किराया बचाने के लिए नेमावर रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर पर उतर जाते हैं लेकिन यहां हालात और चिंताजनक है बस रुकते ही ऑटो चालक गेट पर खड़े होकर यात्री को घेर लेते हैं ।
किराया पूछने पर यात्रियों को ऑटो में बैठने का दबाव बनाया जाता है और मन मुताबिक किराया वसूला जाता है कई यात्रियों ने बताया कि बस स्टैंड से इंदौर शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए ऑटो चालक मनमाना किराया मांगते हैं ।
हरदा इंदौर कन्नौद खातेगांव डेढ़ सौ किलोमीटर की बस यात्रा 150 से 250 रुपए तक में हो जाती है लेकिन बस स्टैंड से शहर के भीतर 5 से 10 किलोमीटर जाने के लिए ही 400 से 450 रुपए तक ऑटो चालकों द्वारा मांगे जा रहे हैं मजबूर में यात्रियों को या तो ज्यादा किराए देना पड़ता है या फिर लंबे इंतजार के बाद ऑनलाइन ऑटो बुक करना पड़ता है।
हरदा कन्नौद खातेगांव क्षेत्र के यात्रियों ने मांग की है की देवास एवं इंदौर आरटीओ यात्रियों की फजीहत को देखते हुए लोकल यात्री बसें, इंदौर सिटी के अंदर जाने के लिए चलवाए तथा ऑटो चालक के मनमानी लुट पर अंकुश लगाया जाए इस क्षेत्र मे सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी स्थापित करने की भी जरूरत है इसके साथ ही यहां से सीटी बसे भी एक या हो ही आती है उनका समय भी तय नही है ।
प्रशासन पूरे इन्दौर मे सीटी बसे चला रहा है तो यहां क्यो नही चला रहा है क्या हरदा कन्नौद खातेगांव के लोगो को इन्दौर आने से रोकने की साजीश तो नही है और यदि सीटी बस की व्यवस्था प्रशासन नही कर सकता है तो प्रायवेट बस वालो को नायता मुंडला से नवलखा रेलवे स्टेशन सरवटे लाबरिया भेरू तक के परमीट प्राथमिक ता से जारी किए जाएं और आश्चर्य तो इस बात है कि नवलखा तक जाने वाली बसो से शहर मे ट्राफिक जाम होता है ।
लेकिन सरवटे जाने वाली बसो से ट्राफिक जाम नही हो रहा है . करिब 30 वर्ष पूर्व रानी शराय बस स्टेण्ड को नवलखा मे कर दिया था कि यातायात का दबाब कम करेंगे पहले तीन इमली पर भी कुछ दिन किया था अब नायता मुंडला मे कर दिया है ।
यही स्थिति रही तथा क्षेत्र वासी खामोश रहे तो अगली बार डबल चौकी मे बस स्टेण्ड बनेगा।
