हंडिया (हरदा), 7 सितंबर: हरदा जिले के हंडिया तहसील क्षेत्र के किसानों ने आज एकजुट होकर अपनी प्रमुख समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने प्रशासन और शासन को दो टूक चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो वे राजधानी भोपाल का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे।
ज्ञापन में दर्ज प्रमुख मांगें और बिंदु:फसल नुकसान का सर्वे और मुआवजा: हाल ही में मौसम की मार और कीट-व्याधियों के प्रकोप से फसलों को हुए भारी नुकसान का तत्काल निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तथा प्रभावित किसानों को आरबीसी 6-4 के तहत उचित राहत राशि व फसल बीमा का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
सिंचाई के लिए पानी की पर्याप्त आपूर्ति: हंडिया और आसपास के अंतिम छोर (टेल क्षेत्र) के खेतों तक नहरों से समय पर और पर्याप्त दबाव के साथ पानी पहुंचाया जाए।खाद और उन्नत बीज की उपलब्धता: आगामी सीजन को देखते हुए सोसायटियों और वितरण केंद्रों पर डीएपी व यूरिया खाद की निर्बाध आपूर्ति की जाए, ताकि किसानों को किल्लत और कालाबाजारी का सामना न करना पड़े।निर्बाध विद्युत आपूर्ति: कृषि फीडरों पर घोषित समय सारिणी के अनुसार बिना कटौती के बिजली दी जाए तथा कम वोल्टेज और अघोषित ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
मंडी में व्यवस्था व समर्थन मूल्य: कृषि उपज मंडी में फसलों की तुलाई निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से हो और किसानों को फसलों का उचित समर्थन मूल्य मिले।किसान प्रतिनिधियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन के पास 15 सितंबर 2026 तक का समय है।
यदि इस तिथि तक सभी मांगों पर ठोस व सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ राजधानी कूच करेंगे और भोपाल का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर पर शासन तक प्रेषित कर दिया जाएगा।
