सिराली में विकास कार्यों से लेकर अवैध कॉलोनियों तक उठे सवाल, व्यापारी संघ ने मांगी उच्चस्तरीय जांच।

संवाददाता अनिल मालवीय सिराली

करोड़ों के निर्माण कार्यों का ऑडिट, 80 कड़ी मार्ग का सीमांकन और कॉलोनियों की वैधता जांचने की मांग

हरदा जिले कि नगर परिषद सिराली में पिछले वर्षों के विकास कार्यों, निर्माण गुणवत्ता, वित्तीय पारदर्शिता, अवैध कॉलोनियों और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण को लेकर जिला हरदा फुटकर व्यापारी संघ ने प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

संघ ने कलेक्टर हरदा के नाम तहसीलदार सिराली को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद के कार्यों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

संघ अध्यक्ष शेख असलम के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि नगर परिषद द्वारा सड़क निर्माण, सीसी रोड, बस स्टैंड, डिवाइडर, नल-जल योजना, नगर परिषद भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इन कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर नगरवासियों के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं।

व्यापारी संघ ने विशेष रूप से न्यू सब्जी मार्केट सिराली में निर्मित एवं निर्माणाधीन 13 दुकानों की स्वतंत्र तकनीकी दल से जांच कराने की मांग की है।

संघ का कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुए हैं या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। साथ ही नगर परिषद द्वारा विगत वर्षों में कराए गए सभी निर्माण कार्यों का तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराने तथा स्वीकृति और भुगतान संबंधी अभिलेखों की भी विस्तृत जांच की मांग की गई है।

मामले को और गंभीर बनाते हुए संघ ने मलापुर स्थित 80 कड़ी चौड़े सार्वजनिक मार्ग पर कथित अतिक्रमण और अवैध कब्जों का मुद्दा भी उठाया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि यह मार्ग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, लेकिन लगातार हो रहे अतिक्रमणों के कारण इसकी मूल चौड़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा नगर क्षेत्र में विकसित कई कॉलोनियों की वैधानिक स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं। संघ ने मांग की है कि सभी कॉलोनियों के स्वीकृति अभिलेख, ले-आउट, नक्शा अनुमोदन, डायवर्जन एवं अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच कराई जाए।

यदि किसी कॉलोनी का विकास नियमों के विपरीत या बिना वैधानिक अनुमति के किया गया हो तो संबंधित व्यक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।व्यापारी संघ का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि नगर में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सुनिश्चित करना है।

संघ का तर्क है कि यदि सभी कार्य नियमानुसार हुए हैं तो निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, वहीं किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

ज्ञापन सौंपे जाने के बाद नगर में विकास कार्यों, कॉलोनियों और अतिक्रमण के मुद्दों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब नगरवासियों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू करता है या नहीं।

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