संवाददाता : विनोद भूतडा कन्नौद /देवास
कन्नौद के पास ग्राम टिपरास मे माँ नर्मदा दण्डवत परिक्रमा के पावन अवसर पर आयोजित 41 दिवसीय पंच धूणी तपस्या, कन्या भोजन एवं सप्तदिवसीय शिवमहापुराण कथा का भव्य समापन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
आयोजन में क्षेत्र से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं, संतजनों एवं धर्मप्रेमियों की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के तहत प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से हवन-पूजन सम्पन्न हुआ, जिसके पश्चात पं. श्री पंकज किशोर दाधीच महाराज के मुखारविंद से शिवमहापुराण कथा का रसपान कराया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव एवं माँ नर्मदा की महिमा सुन भाव-विभोर हो उठे। सम्पूर्ण आयोजन स्थल “हर-हर महादेव” एवं “माँ नर्मदे हर” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
दोपहर में संतों एवं ब्राह्मणों की सम्मानपूर्वक विदाई सम्पन्न हुई। आयोजन समिति द्वारा संतजनों एवं ब्राह्मणों का पुष्पमालाओं एवं सम्मान स्वरूप भेंट प्रदान कर अभिनंदन किया गया।
शाम 5 बजे विशाल भंडारे का शुभारंभ निर्वाण संत मंगलमुनि श्री उदासीन महाराज के सान्निध्य में किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया। आयोजन की व्यवस्थाओं एवं सेवा कार्यों में क्षेत्र के युवाओं, ग्रामीणजनों एवं स्वयंसेवकों का उल्लेखनीय योगदान देखने को मिला।
लगातार 41 दिनों तक चली पंच धूणी तपस्या, कन्या भोजन सेवा एवं धार्मिक अनुष्ठानों ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं धार्मिक जागरण का संदेश दिया।
इस अवसर पर संत मंगलमुनि उदासीन जी ने कहा कि “माँ नर्मदा की असीम कृपा, संतों के आशीर्वाद एवं श्रद्धालुओं के सहयोग से यह दिव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ है।
”पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, आरती एवं आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्र के सुप्रसिद्ध भजन गायक अनूप यादव एवं उनकी संगीत मंडली द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। आयोजन समिति सदस्यो ने श्रद्धालुओ का आभार माना ।
